चंद्र ग्रहण 2026 ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। वैदिक ज्योतिष में इसे मानसिक, भावनात्मक और पारिवारिक जीवन पर प्रभाव डालने वाला माना गया है। इस वर्ष चंद्र ग्रेहेन 3 मार्च 2026 को 3:20 pm IST से आरम्भ होकर 6:47 pm IST तक रहेगा।
आइए जानते हैं 12 राशियों पर इसका संभावित प्रभाव और किन सावधानियों का पालन करना चाहिए।
12 राशियों पर चंद्र ग्रहण 2026 का प्रभाव
♈ मेष राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव (2026)
मेष राशि के जातकों के लिए चंद्र ग्रहण मानसिक और भावनात्मक स्तर पर अधिक प्रभाव डाल सकता है। चंद्रमा मन, भावनाओं और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है, इसलिए इस दौरान थोड़ी अस्थिरता महसूस हो सकती है।
संभावित प्रभाव
- मानसिक तनाव बढ़ सकता है – छोटी-छोटी बातों पर चिंता या चिड़चिड़ापन।
- निर्णय लेने में असमंजस – महत्वपूर्ण फैसलों में भ्रम की स्थिति।
- परिवार में मतभेद – खासकर माता या जीवनसाथी से विचारों का टकराव।
- कार्यस्थल पर दबाव – काम का बोझ या अचानक बदलाव।
- नींद की समस्या – बेचैनी या अनिद्रा की शिकायत।
किन बातों का रखें ध्यान
- ग्रहण काल में बड़े निर्णय (नौकरी बदलना, निवेश आदि) टालें।
- वाणी पर संयम रखें, क्रोध से बचें।
- वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
- मानसिक शांति के लिए ध्यान और प्राणायाम करें।
उपाय
- भगवान हनुमान की पूजा करें।
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें (भगवान शिव का स्मरण)।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर दान-पुण्य करें।
- लाल रंग की वस्तुओं का दान शुभ माना जाता है।
सकारात्मक संकेत
हर ग्रहण नकारात्मक नहीं होता। कई बार यह जीवन में बदलाव और नई शुरुआत का संकेत भी देता है। यदि आप धैर्य और समझदारी से काम लेंगे तो यह समय आत्मचिंतन और सुधार का अवसर बन सकता है।
♉ वृषभ राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव (2026)
वृषभ राशि के स्वामी शुक्र माने जाते हैं, जबकि चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक है। चंद्र ग्रहण के दौरान वृषभ जातकों को आर्थिक, पारिवारिक और मानसिक क्षेत्रों में कुछ उतार-चढ़ाव महसूस हो सकते हैं।
संभावित प्रभाव
- आर्थिक अस्थिरता – अचानक खर्च बढ़ सकते हैं या निवेश में असमंजस की स्थिति बन सकती है।
- भावनात्मक संवेदनशीलता – छोटी बातों से मन आहत हो सकता है।
- पारिवारिक मतभेद – घर में किसी बात को लेकर तनाव की स्थिति।
- करियर में दबाव – काम की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।
- स्वास्थ्य पर असर – गला, थायरॉइड या सर्दी-जुकाम संबंधी समस्या हो सकती है।
जरूरी सावधानियां
- ग्रहण काल में नए निवेश या बड़ा आर्थिक निर्णय टालें।
- उधार लेन-देन से बचें।
- किसी भी विवाद में शांत और संतुलित रहें।
- खान-पान और दिनचर्या का विशेष ध्यान रखें।
उपाय
- भगवान शिव को जल अर्पित करें।
- “ॐ सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें।
- सफेद वस्त्र या चावल का दान शुभ रहेगा।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान करें।
सकारात्मक पक्ष
यह समय आत्मविश्लेषण और आर्थिक योजना को सुधारने का अवसर भी दे सकता है। यदि आप संयम और धैर्य से काम लेंगे तो आने वाले समय में लाभ की संभावना बन सकती है।
♊ मिथुन राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव (2026)
मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, जो बुद्धि, वाणी और संचार के कारक माने जाते हैं। चंद्र ग्रहण के दौरान मानसिक स्थिति, रिश्ते और निर्णय क्षमता पर विशेष प्रभाव देखा जा सकता है। यह समय आत्मचिंतन और सावधानी दोनों की मांग करता है।
संभावित प्रभाव
- मानसिक द्वंद्व – किसी महत्वपूर्ण विषय पर असमंजस या भ्रम की स्थिति।
- रिश्तों में गलतफहमी – जीवनसाथी, मित्र या सहकर्मियों से संवाद में कमी।
- काम में ध्यान की कमी – एकाग्रता भंग हो सकती है।
- यात्रा में बाधा – योजनाओं में अचानक बदलाव।
- भावनात्मक उतार-चढ़ाव – मूड स्विंग अधिक रह सकते हैं।
जरूरी सावधानियां
- ग्रहण काल में महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर टालें।
- सोशल मीडिया या वाणी के माध्यम से विवाद से बचें।
- निवेश या नया प्रोजेक्ट शुरू करने में जल्दबाजी न करें।
- पर्याप्त नींद लें और मानसिक शांति बनाए रखें।
उपाय
- भगवान विष्णु का स्मरण करें।
- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
- हरे मूंग या हरे वस्त्र का दान शुभ रहेगा।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर दान-पुण्य करें।
सकारात्मक संकेत
यह ग्रहण आपके लिए आत्मविश्लेषण और निर्णय क्षमता को सुधारने का अवसर बन सकता है। यदि आप धैर्य और समझदारी से काम लेंगे तो भविष्य में लाभ की संभावनाएं मजबूत होंगी।
♋ कर्क राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव (2026)
कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं। इसलिए चंद्र ग्रहण का प्रभाव इस राशि पर अपेक्षाकृत अधिक महसूस हो सकता है। यह समय भावनात्मक, पारिवारिक और मानसिक स्तर पर उतार-चढ़ाव ला सकता है।
संभावित प्रभाव
- भावनात्मक संवेदनशीलता बढ़ेगी – छोटी बातों से मन आहत हो सकता है।
- मूड स्विंग – कभी उत्साह, कभी निराशा जैसी स्थिति।
- पारिवारिक तनाव – घर में किसी बात को लेकर मतभेद।
- स्वास्थ्य पर असर – पेट, पाचन या नींद से जुड़ी परेशानी।
- काम में अस्थिरता – निर्णय लेने में हिचकिचाहट।
जरूरी सावधानियां
- ग्रहण काल में बड़े निर्णय टालें।
- परिवार के साथ धैर्य और समझदारी से पेश आएं।
- मानसिक शांति के लिए ध्यान और प्राणायाम करें।
- खान-पान हल्का और सात्विक रखें।
उपाय
- भगवान शिव को कच्चा दूध या जल अर्पित करें।
- “ॐ चंद्राय नमः” मंत्र का जाप करें।
- चावल, दूध या सफेद वस्त्र का दान करें।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और घर की शुद्धि करें।
सकारात्मक संकेत
चंद्र ग्रहण आपके लिए आत्मचिंतन और भावनात्मक संतुलन सीखने का समय हो सकता है। यदि आप संयम और सकारात्मक सोच बनाए रखते हैं, तो यह समय आंतरिक मजबूती प्रदान करेगा।
♌ सिंह राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव (2026)
सिंह राशि के स्वामी सूर्य माने जाते हैं, जबकि चंद्र ग्रहण चंद्रमा से जुड़ा होता है। ऐसे में यह ग्रहण आपकी भावनाओं, प्रतिष्ठा और करियर क्षेत्र पर असर डाल सकता है। यह समय धैर्य और संतुलन बनाए रखने का संकेत देता है।
संभावित प्रभाव
- करियर में उतार-चढ़ाव – कार्यस्थल पर अचानक बदलाव या जिम्मेदारियों में वृद्धि।
- प्रतिष्ठा की चिंता – किसी बात को लेकर मान-सम्मान पर असर की आशंका।
- भावनात्मक अस्थिरता – मन में बेचैनी या असंतोष।
- परिवार में मतभेद – खासकर पिता या वरिष्ठ सदस्य से विचारों का टकराव।
- आर्थिक दबाव – खर्चों में वृद्धि संभव।
जरूरी सावधानियां
- ग्रहण काल में महत्वपूर्ण निर्णय टालें।
- वरिष्ठों से बहस करने से बचें।
- क्रोध और अहंकार पर नियंत्रण रखें।
- स्वास्थ्य, विशेषकर हृदय और रक्तचाप का ध्यान रखें।
उपाय
- भगवान सूर्य को जल अर्पित करें।
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें (भगवान शिव का स्मरण)।
- गेहूं या गुड़ का दान शुभ रहेगा।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान-पुण्य करें।
सकारात्मक संकेत
यह ग्रहण आपके लिए आत्ममंथन और नेतृत्व क्षमता को सुधारने का अवसर बन सकता है। यदि आप संयम और समझदारी से काम लेंगे, तो भविष्य में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं।
♍ कन्या राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव (2026)
कन्या राशि के स्वामी बुध हैं, जो बुद्धि, विश्लेषण क्षमता और तर्क के कारक माने जाते हैं। चंद्र ग्रहण के समय भावनाएं और तर्क के बीच संतुलन बिगड़ सकता है। यह समय मानसिक स्पष्टता बनाए रखने का संकेत देता है।
संभावित प्रभाव
- एकाग्रता में कमी – पढ़ाई या काम में ध्यान भटक सकता है।
- अधिक सोच-विचार (ओवरथिंकिंग) – छोटी बातों को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
- कार्यस्थल पर दबाव – जिम्मेदारियों में अचानक वृद्धि।
- स्वास्थ्य पर असर – पेट, पाचन या त्वचा संबंधी परेशानी।
- रिश्तों में दूरी – भावनात्मक अभिव्यक्ति में झिझक।
जरूरी सावधानियां
- ग्रहण काल में बड़े निर्णय या नई शुरुआत टालें।
- अनावश्यक बहस और आलोचना से बचें।
- नियमित दिनचर्या बनाए रखें।
- योग और ध्यान से मानसिक संतुलन रखें।
उपाय
- भगवान विष्णु का स्मरण करें।
- “ॐ बुधाय नमः” मंत्र का जाप करें।
- हरी सब्जियां या हरे मूंग का दान करें।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान-पुण्य करें।
सकारात्मक संकेत
यह समय आपके लिए आत्मसुधार और योजनाओं को व्यवस्थित करने का अवसर बन सकता है। यदि आप धैर्य और अनुशासन बनाए रखेंगे, तो आगे चलकर लाभ मिलेगा।
♎ तुला राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव (2026)
तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं, जो प्रेम, संतुलन और संबंधों के कारक माने जाते हैं। चंद्र ग्रहण के दौरान मानसिक और भावनात्मक संतुलन प्रभावित हो सकता है। यह समय खासतौर पर रिश्तों, साझेदारी और निर्णय क्षमता पर असर डाल सकता है।
संभावित प्रभाव
- रिश्तों में तनाव – जीवनसाथी या पार्टनर के साथ मतभेद की संभावना।
- निर्णय में असमंजस – सही-गलत के बीच उलझन।
- आर्थिक मामलों में सावधानी – साझेदारी के कार्यों में सतर्कता जरूरी।
- मानसिक बेचैनी – मूड स्विंग या अनिश्चितता की भावना।
- कानूनी या आधिकारिक मामलों में देरी – कार्य अटक सकते हैं।
जरूरी सावधानियां
- ग्रहण काल में नए समझौते या कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से बचें।
- भावनात्मक निर्णय न लें।
- विवाद की स्थिति में शांत और संतुलित रहें।
- खर्चों पर नियंत्रण रखें।
उपाय
- भगवान शिव का अभिषेक करें।
- “ॐ शुक्राय नमः” मंत्र का जाप करें।
- सफेद वस्त्र या मिठाई का दान करें।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और घर की शुद्धि करें।
सकारात्मक संकेत
यह ग्रहण आपके लिए संतुलन सीखने और रिश्तों को मजबूत करने का अवसर हो सकता है। यदि आप धैर्य और समझदारी से काम लेंगे तो आने वाला समय अधिक स्थिर और लाभकारी रहेगा।
♏ वृश्चिक राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव (2026)
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल माने जाते हैं, जबकि चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक है। चंद्र ग्रहण के समय यह राशि गहरे भावनात्मक परिवर्तन और मानसिक उतार-चढ़ाव का अनुभव कर सकती है। यह समय आत्मविश्लेषण और आंतरिक बदलाव का संकेत देता है।
संभावित प्रभाव
- भावनात्मक तीव्रता – छोटी बात भी गहराई से प्रभावित कर सकती है।
- गुप्त चिंताएं उजागर – पुराने मुद्दे या दबे हुए भाव सामने आ सकते हैं।
- रिश्तों में संवेदनशीलता – विश्वास से जुड़ी समस्याएं उभर सकती हैं।
- आर्थिक उतार-चढ़ाव – अचानक खर्च या धन अटकने की स्थिति।
- स्वास्थ्य पर असर – रक्तचाप, तनाव या नींद से जुड़ी परेशानी।
जरूरी सावधानियां
- ग्रहण काल में क्रोध और आवेश से बचें।
- किसी भी विवाद को बढ़ाने के बजाय शांतिपूर्वक सुलझाएं।
- जोखिम भरे निवेश टालें।
उपाय
- भगवान हनुमान की पूजा करें।
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें (भगवान शिव का स्मरण)।
- मसूर दाल या लाल वस्त्र का दान शुभ रहेगा।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान-पुण्य करें।
सकारात्मक संकेत
चंद्र ग्रहण आपके लिए आंतरिक शक्ति और आत्मपरिवर्तन का समय बन सकता है। यदि आप धैर्य और संयम से काम लेंगे तो यह अवधि भविष्य में बड़ी उपलब्धियों का आधार बनेगी।
♐ धनु राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव (2026)
धनु राशि के स्वामी बृहस्पति हैं, जो ज्ञान, शिक्षा और विस्तार के कारक माने जाते हैं। चंद्र ग्रहण के समय यह राशि कार्य, यात्रा और व्यक्तिगत योजनाओं में बाधाओं का सामना कर सकती है। यह समय सतर्कता और योजना की मांग करता है।
संभावित प्रभाव
- यात्रा में बाधा – योजनाबद्ध यात्रा में देरी या रुकावट।
- आर्थिक अस्थिरता – खर्च या निवेश में अचानक बदलाव।
- करियर में चुनौतियां – काम के दबाव या योजनाओं में बाधा।
- भावनात्मक अस्थिरता– मन में बेचैनी या चिंता।
- स्वास्थ्य पर असर – पेट, पाचन या जठराग्नि संबंधी समस्या संभव।
जरूरी सावधानियां
- ग्रहण काल में लंबी यात्रा या नई योजनाएं टालें।
- महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णय और निवेश न करें।
- मानसिक तनाव से बचें और शांति बनाए रखें।
- खान-पान संतुलित रखें।
उपाय
- भगवान विष्णु या गणेश की पूजा करें।
- “ॐ बृहस्पतये नमः” मंत्र का जाप करें।
- पीले वस्त्र या दाल का दान शुभ माना जाता है।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान-पुण्य करें।
सकारात्मक संकेत
यह ग्रहण आपके लिए धैर्य, योजना और आत्म-विश्लेषण का अवसर बन सकता है। यदि आप संयम और समझदारी से कदम बढ़ाएंगे, तो भविष्य में यात्रा, शिक्षा और करियर में लाभ की संभावना मजबूत होगी।
♑ मकर राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव (2026)
मकर राशि के स्वामी शनि हैं, जो कर्म, अनुशासन और स्थिरता के कारक माने जाते हैं। चंद्र ग्रहण के दौरान यह राशि कार्यक्षेत्र, जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य पर प्रभाव अनुभव कर सकती है। यह समय धैर्य और सतर्कता की मांग करता है।
संभावित प्रभाव
- काम का दबाव बढ़ना – नौकरी या व्यवसाय में अचानक जिम्मेदारियों का बोझ।
- वित्तीय चिंता – खर्च बढ़ सकते हैं या आय में अस्थिरता।
- स्वास्थ्य पर असर – जोड़ों, हड्डियों या मांसपेशियों में समस्या।
- भावनात्मक अस्थिरता – तनाव, चिंता और बेचैनी की भावना।
- यात्रा और योजनाओं में बाधा – योजनाएं समय पर पूरी न हो पाना।
जरूरी सावधानियां
- ग्रहण काल में नए करार या निवेश टालें।
- स्वास्थ्य पर ध्यान दें और नियमित दिनचर्या बनाए रखें।
- मानसिक तनाव से बचें और क्रोध पर नियंत्रण रखें।
- जोखिम भरे कार्य और यात्रा टालें।
उपाय
- भगवान शिव या गणेश की पूजा करें।
- “ॐ शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें।
- काले वस्त्र, तिल या उड़द दाल का दान शुभ माना जाता है।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान-पुण्य करें।
सकारात्मक संकेत
चंद्र ग्रहण आपके लिए स्वयं पर नियंत्रण और जिम्मेदारी निभाने का अवसर दे सकता है। यदि आप धैर्य और अनुशासन बनाए रखें, तो आने वाला समय स्थिरता और सफलता का संकेत देगा।
♒ कुंभ राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव (2026)
कुंभ राशि के स्वामी शनि और राहु माने जाते हैं। चंद्र ग्रहण के दौरान यह राशि सामाजिक संबंध, यात्रा और व्यक्तिगत योजनाओं में उतार-चढ़ाव का सामना कर सकती है। यह समय सोच-समझकर कदम बढ़ाने और सतर्क रहने का संकेत देता है।
संभावित प्रभाव
- यात्रा में बाधा – योजनाबद्ध यात्रा में रुकावट या विलंब।
- रिश्तों में मतभेद – मित्र या परिवार के साथ समझदारी की कमी।
- आर्थिक अस्थिरता – खर्च बढ़ सकते हैं या निवेश में उलझन।
- स्वास्थ्य पर असर – नसों, जोड़ों या मानसिक तनाव संबंधी समस्या।
- कार्य क्षेत्र में देरी – योजना या प्रोजेक्ट में विलंब की संभावना।
जरूरी सावधानियां
- ग्रहण काल में लंबी यात्रा या नई योजनाएं टालें।
- नए निवेश और ठोस आर्थिक निर्णय न लें।
- विवाद और मतभेद में शांत रहें।
- मानसिक शांति के लिए ध्यान और प्राणायाम करें।
उपाय
- भगवान विष्णु या हनुमान की पूजा करें।
- “ॐ कुम्भाय नमः” या “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
- सफेद वस्त्र या उड़द दाल का दान शुभ रहेगा।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान-पुण्य करें।
सकारात्मक संकेत
चंद्र ग्रहण कुंभ राशि के जातकों को धैर्य, संयम और योजना बनाने का अवसर देता है। यदि आप सतर्क और सोच-समझकर कदम बढ़ाएंगे, तो भविष्य में यात्रा, काम और व्यक्तिगत संबंधों में सफलता प्राप्त होगी।
♓ मीन राशि पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव (2026)
मीन राशि के स्वामी गुरु और बृहस्पति माने जाते हैं, जो आध्यात्मिकता, संवेदनशीलता और कलात्मक प्रवृत्ति के कारक हैं। चंद्र ग्रहण के समय यह राशि मानसिक अस्थिरता और भावनात्मक उतार-चढ़ाव का अनुभव कर सकती है। यह समय सतर्कता और आत्मविश्लेषण का संकेत देता है।
संभावित प्रभाव
- भावनात्मक अस्थिरता – मूड स्विंग और चिंता अधिक रह सकती है।
- आध्यात्मिक झुकाव – ध्यान और साधना की ओर रुझान बढ़ सकता है।
- पारिवारिक मतभेद – घर में किसी बात को लेकर तनाव।
- स्वास्थ्य पर असर – सिरदर्द, नींद या मानसिक थकान की समस्या।
- आर्थिक अस्थिरता – खर्च बढ़ने या धन प्रवाह में रुकावट।
जरूरी सावधानियां
- ग्रहण काल में कोई बड़ा निर्णय या निवेश टालें।
- विवाद और तनाव वाली परिस्थितियों से बचें।
- मानसिक शांति के लिए ध्यान, प्राणायाम और साधना करें।
- खान-पान संतुलित रखें।
उपाय
- भगवान विष्णु और हनुमान का स्मरण करें।
- “ॐ मीनाय नमः” या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप लाभकारी रहेगा।
- सफेद वस्त्र, दही या चावल का दान शुभ माना जाता है।
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान और दान-पुण्य करें।
सकारात्मक संकेत
चंद्र ग्रहण मीन राशि के जातकों के लिए आत्मविश्लेषण और आध्यात्मिक विकास का अवसर लेकर आता है। यदि आप संयम और धैर्य बनाए रखेंगे, तो यह समय भावनात्मक स्थिरता और मानसिक सुकून का आधार बन सकता है।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें
क्या करें:
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें
- दान-पुण्य करें
- मंत्र जाप करें, विशेषकर भगवान विष्णु और शिव का स्मरण करें
- गर्भवती महिलाएं विशेष सावधानी रखें
क्या न करें:
- ग्रहण काल में भोजन न करें
- शुभ कार्य शुरू न करें
- नुकीली वस्तुओं का उपयोग न करें (परंपरागत मान्यता)
निष्कर्ष
चंद्र ग्रहण 2026 सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, यह प्रभाव व्यक्ति की कुंडली और ग्रह स्थिति पर भी निर्भर करता है। उचित सावधानी और सकारात्मक सोच से किसी भी नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है।

















