गंगा माता आरती

Ganga Mata Aarti

Ganga Mata Aarti

इस विषय से जुड़े उपाय: Remedies for money and wealth

गंगा माता आरती

गंगा माँ आरती (अंग्रेजी)

!! जय गंगा मैया, माँ जय सुरश्री मैया,
भव-बारिधि-उद्धारिणी अतिहि सुद्रध नैया,
जय गंगा मैया, माँ जय सुरश्री मैया !!

!! हरि पद-पदम-प्रसूत विमल वारिधरा,
ब्रह्मदेव भागीरथी शुचि पुनेगरा,
जय गंगा मैया, माँ जय सुरश्री मैया !!

!! शंकर-जटा-विहारिणी, हरिणी त्र्य तप,
सागर-पुत्र-गण-तारिणी हरिणी सकल पापा,
जय गंगा मैया, माँ जय सुरश्री मैया !!

!! गंगे गंगे जो जनन उच्चाते मुख सो,
दूर देश में स्थित भी तुरत तारण सुख सो,
जय गंगा मैया, माँ जय सुरश्री मैया !!

!! मृत की अस्थि तनिक तुव जल धरा पावे,
सो जन पावन होकर परम धाम जावे,
जय गंगा मैया, माँ जय सुरसरि मैया !!

!! तत् तत्वसि तरुवर, जल थल चार प्राणि,
पक्षी-पशु-पतंग गति पावे निर्वाणी,
जय गंगा मैया, माँ जय सुरश्री मैया !!

!! मातु, दया मेई कीजे दिनान पर दया,
प्रभु पद पदम मिलकर हरि लीजे मैया,
जय गंगा मैया, माँ जय सुरश्री मैया !!


गंगा माँ आरती (हिंदी)

!! जय गंगा मैया माँ जय सुरसरी मैया,
भवबारिधिर्विनी अतिहि सुदृढ नैया,
जय गंगा मैया माँ जय सुरसरी मैया !!

!! हरि पद पद्म प्रसूता विमल वारिधारा,
ब्रम्हादेव भागीरथी शुचि पुण्यगारा,
जय गंगा मैया माँ जय सुरसरी मैया !!

!! शंकर जटा विहारिणी हरिणी त्रय तप,
सागर पुत्र गण तारिणी हरिणी सकल पापा,
जय गंगा मैया माँ जय सुरसरी मैया !!

!! गंगा गंगा जो जन उच्चारते मुखसों,
दूर देश में स्थित भी तुंरत सुखों
जय गंगा मैया माँ जय सुरसरी मैया !!

!! मृत की अस्थि तनिक तुव जल धारा पावै,
सो जन पावन हो कर परम धाम जावे,
जय गंगा मैया माँ जय सुरसरी मैया !!

!! तट तटवासी तरुवर जल थल चरप्राणी,
पक्षी पशु पतंग गति पावे निर्वाणी,
जय गंगा मैया माँ जय सुरसरी मैया !!

!! मातु दयामयी कीजै दीनन पद दया,
प्रभु पदम मिलकर हरि लीजै माया,
जय गंगा मैया माँ जय सुरसरी मैया !!

पीडीएफ हिंदी में डाउनलोड करें
Download PDF in Hindi
पीडीएफ अंग्रेजी में डाउनलोड करें
Download PDF in English